इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रावासों में बवाल के बाद बड़ी कार्रवाई
बमबाजी, पत्थरबाजी और मारपीट के आरोप में 12 छात्र और एक बाहरी युवक पर FIR, विश्वविद्यालय प्रशासन भी सख्त
प्रयागराज स्थित University of Allahabad में छात्रावासों के भीतर बढ़ती अराजक गतिविधियों को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। विश्वविद्यालय के पीसीबी छात्रावास और सर सुंदर लाल छात्रावास में पिछले कई दिनों से चल रहे विवाद और हिंसक घटनाओं के बाद अब प्रशासन और पुलिस ने सख्त कदम उठाया है। कर्नलगंज थाने में 12 छात्रों और एक बाहरी युवक के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोप है कि छात्रावास परिसर में देर रात बमबाजी, पत्थरबाजी, धमकी, गाली-गलौज और मारपीट जैसी घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा था।
यह कार्रवाई विश्वविद्यालय के प्राक्टर डॉ. अतुल नारायण सिंह की तहरीर पर की गई है। तहरीर में कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिनमें छात्रावासों का माहौल खराब करने, नए छात्रों को डराने-धमकाने और बाहरी तत्वों को संरक्षण देने जैसी बातें शामिल हैं।
प्राक्टर की तहरीर में कई गंभीर आरोप
प्राक्टर कार्यालय की ओर से दी गई शिकायत में कहा गया है कि पीसीबी छात्रावास का एक पूर्व छात्र पिछले कई दिनों से सक्रिय होकर छात्रावास में रहने वाले छात्रों को उकसा रहा था। आरोप है कि उसके नेतृत्व में कुछ छात्र देर रात छात्रावासों के आसपास एकत्र होकर बमबाजी और पत्थरबाजी जैसी घटनाओं को अंजाम दे रहे थे। इससे छात्रावासों का वातावरण पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया था।
तहरीर में यह भी उल्लेख किया गया है कि प्रथम वर्ष के छात्रों पर दबाव बनाया जा रहा था और उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश की जा रही थी। कई छात्र इन घटनाओं के कारण भय और असुरक्षा महसूस कर रहे थे। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं की जाती, तो कोई बड़ी अप्रिय घटना हो सकती थी।
CCTV फुटेज और वीडियो के आधार पर हुई पहचान
विश्वविद्यालय प्रशासन ने दावा किया है कि छात्रावासों में लगे CCTV कैमरों और मोबाइल वीडियो फुटेज के माध्यम से कई आरोपितों की पहचान की गई है। शिकायत में कहा गया है कि सुरक्षा कर्मचारियों और छात्रावास प्रशासन की मदद से कई छात्रों की गतिविधियों की पुष्टि हुई।
सूत्रों के अनुसार विश्वविद्यालय प्रशासन ने घटना से जुड़े वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्य पुलिस को सौंप दिए हैं। पुलिस अब इन फुटेज की तकनीकी जांच कर रही है ताकि घटनाओं में शामिल सभी लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सके।
सर सुंदर लाल छात्रावास से जुड़ा सबसे बड़ा खुलासा
इस पूरे मामले का सबसे गंभीर और चौंकाने वाला पहलू सर सुंदर लाल छात्रावास से जुड़ा सामने आया है। तहरीर में आरोप लगाया गया है कि छात्रावास के एक कमरे में एक बाहरी युवक अवैध रूप से रह रहा था। आरोप है कि वही युवक कई घटनाओं का नेतृत्व कर रहा था और छात्रावास के कुछ छात्रों के साथ मिलकर बमबाजी तथा पत्थरबाजी जैसी घटनाओं को अंजाम दे रहा था।
प्रशासन का कहना है कि संबंधित कमरा दो छात्रों को आधिकारिक रूप से आवंटित था, लेकिन दोनों छात्रों ने बाहरी युवक को वहां रहने की अनुमति दी और उसे संरक्षण दिया। इसी आधार पर दोनों छात्रों को भी आरोपी बनाया गया है।
विश्वविद्यालय प्रशासन इस बात को बेहद गंभीर मान रहा है क्योंकि छात्रावासों में बाहरी व्यक्तियों का रहना पूरी तरह प्रतिबंधित है। अधिकारियों का कहना है कि इससे न केवल सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित होती है बल्कि आपराधिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलता है।
छात्रावासों में बढ़ी दहशत
घटनाओं के बाद छात्रावासों में रहने वाले कई छात्रों में डर का माहौल बताया जा रहा है। छात्रों का कहना है कि देर रात तक शोर-शराबा, धमकी और मारपीट की घटनाओं के कारण सामान्य माहौल प्रभावित हो रहा था। कई छात्र रात में छात्रावास से बाहर निकलने में भी डर महसूस कर रहे थे।
विश्वविद्यालय प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ छात्र गुट बनाकर माहौल बिगाड़ रहे हैं। इसके बाद प्राक्टर कार्यालय ने निगरानी बढ़ाई और CCTV फुटेज खंगाले गए। जांच के बाद ही पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई।
पुलिस ने शुरू की जांच
कर्नलगंज थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की विभिन्न धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी आरोपितों की भूमिका की विस्तार से जांच की जा रही है।
मामले की विवेचना उपनिरीक्षक संजीव कुमार चौधरी को सौंपी गई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि घटनाओं की योजना किस स्तर पर बनाई गई, इसमें बाहरी तत्वों की क्या भूमिका थी और क्या छात्रावासों में पहले से भी इस तरह की गतिविधियां चल रही थीं।
नामजद छात्रों पर निलंबन की तैयारी
सूत्रों के मुताबिक विश्वविद्यालय प्रशासन अब नामजद छात्रों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की तैयारी में है। बताया जा रहा है कि कई छात्रों के निलंबन पर विचार किया जा रहा है। हालांकि प्रशासन की ओर से अभी आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया है, लेकिन मामले को गंभीर मानते हुए कड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रावासों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की योजना बना रहा है। छात्रावासों में बाहरी लोगों की एंट्री रोकने, पहचान पत्र जांच को सख्त करने और रात्रिकालीन गश्त बढ़ाने जैसे कदमों पर चर्चा की जा रही है।
परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद विश्वविद्यालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। छात्रों का कहना है कि यदि समय रहते निगरानी और नियंत्रण किया जाता, तो मामला इतना गंभीर नहीं बनता। वहीं प्रशासन का कहना है कि अब सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह सख्त किया जाएगा और किसी भी तरह की अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विश्वविद्यालय के कई शिक्षकों और छात्रों ने भी परिसर में शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने की अपील की है। उनका कहना है कि शैक्षणिक वातावरण को खराब करने वाली गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रावास बवाल में बड़ी कार्रवाई, 12 छात्र और बाहरी युवक पर FIR
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Source: कर्नलगंज थाने में दर्ज FIR एवं विश्वविद्यालय प्रशासन की तहरीर

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