📰 प्रयागराज: ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज में यौन उत्पीड़न आरोपों पर बवाल, छात्र धरने पर; मामला NHRC तक पहुँचा
प्रयागराज स्थित Ishwar Saran Degree College में विधि संकाय से जुड़े एक गंभीर मामले ने पूरे शैक्षणिक माहौल को झकझोर कर रख दिया है। विधि चतुर्थ वर्ष के एक छात्र द्वारा सहायक प्रोफेसर पर लगाए गए यौन उत्पीड़न, मानसिक प्रताड़ना और अनुचित व्यवहार के आरोपों ने अब व्यापक रूप ले लिया है। मामले में कार्रवाई में देरी और कथित प्रतिशोधात्मक कदमों के आरोपों के बीच छात्र अब धरने पर बैठ गए हैं और न्याय की मांग कर रहे हैं।
इस बीच, पीड़ित छात्र ने संस्थान स्तर पर संतोषजनक कार्रवाई न होने का आरोप लगाते हुए National Human Rights Commission (NHRC) में भी शिकायत दर्ज कर दी है, जिससे यह मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।
📄 30 जनवरी को दर्ज हुई शिकायत, दो वर्षों से उत्पीड़न का आरोप
पीड़ित छात्र के अनुसार, उसने 30 जनवरी 2026 को कॉलेज प्रशासन के समक्ष औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी। छात्र का आरोप है कि संबंधित सहायक प्रोफेसर पिछले दो वर्षों से उसके साथ लगातार अनुचित व्यवहार कर रहे थे।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि प्रोफेसर छात्र के शरीर पर आपत्तिजनक टिप्पणियाँ करते थे, उसके निजी जीवन से जुड़े अश्लील सवाल पूछते थे और कई बार जबरन गले लगाने तथा अनुचित स्पर्श जैसी घटनाएं भी हुईं।
छात्र का कहना है कि लंबे समय तक मानसिक दबाव और भय के कारण वह खुलकर शिकायत नहीं कर सका, लेकिन स्थिति असहनीय होने पर उसने औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।
⚖️ जांच प्रक्रिया पर सवाल, तीन महीने बाद भी मामला लंबित
शिकायत के बाद कॉलेज प्रशासन ने जांच समिति गठित करने की बात कही और प्रारंभिक कार्रवाई के तौर पर संबंधित शिक्षक को कक्षाएं लेने से रोक दिया गया।
हालांकि, लगभग तीन महीने बीत जाने के बावजूद जांच प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। छात्र का आरोप है कि प्रशासन इस मामले को ‘प्रक्रियाधीन’ बताकर टाल रहा है, जिससे उसे न्याय मिलने में देरी हो रही है।
इस देरी को लेकर छात्र और उसके समर्थकों में असंतोष बढ़ता जा रहा है और उन्होंने इसे संस्थागत निष्क्रियता करार दिया है।
⚠️ आंतरिक अंकों में कटौती का आरोप, प्रतिशोध का दावा
मामले को और गंभीर बनाते हुए छात्र ने आरोप लगाया है कि शिकायत दर्ज कराने के बाद उसे कॉलेज में प्रतिशोध का सामना करना पड़ा।
छात्र के अनुसार, उसकी उपस्थिति लगभग 90% होने के बावजूद इस बार उसके आंतरिक अंक 40 में से घटाकर केवल 18 कर दिए गए। छात्र का कहना है कि यह कार्रवाई उसे दबाव में लाने और शिकायत वापस लेने के उद्देश्य से की गई।
इस आरोप के सामने आने के बाद छात्रों के बीच आक्रोश और बढ़ गया है, और इसे संस्थागत उत्पीड़न का हिस्सा बताया जा रहा है।
🪧 कॉलेज गेट पर धरना, छात्र दो गुटों में बंटे
मामले को लेकर अब कॉलेज परिसर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है। बड़ी संख्या में छात्र कॉलेज गेट पर धरने पर बैठ गए हैं और निष्पक्ष जांच तथा त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, इस मुद्दे पर छात्र दो गुटों में बंट गए हैं—एक पक्ष पीड़ित छात्र के समर्थन में है और कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहा है, जबकि दूसरा पक्ष आरोपी शिक्षक के समर्थन में खड़ा दिखाई दे रहा है।
धरने के दौरान दोनों पक्षों के बीच बहस और आरोप-प्रत्यारोप की स्थिति भी देखने को मिली, जिससे कॉलेज का माहौल तनावपूर्ण हो गया है।
📩 NHRC में शिकायत दर्ज, राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचा मामला
संस्थान स्तर पर संतोषजनक कार्रवाई न होने के चलते पीड़ित छात्र ने अब National Human Rights Commission में शिकायत दर्ज कराई है।
HRCNet पोर्टल के माध्यम से की गई इस शिकायत को आयोग ने स्वीकार कर लिया है और इसे आधिकारिक डायरी नंबर भी प्रदान किया गया है। इससे स्पष्ट है कि अब यह मामला मानवाधिकार आयोग के संज्ञान में है।
NHRC में शिकायत दर्ज होने के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच सुनिश्चित हो सकेगी।
🏛️ कॉलेज प्रशासन का पक्ष
कॉलेज के प्राचार्य Prof Anand Shankar Singh ने बताया कि:
- मामले की जांच के लिए समिति गठित कर दी गई है
- संबंधित शिक्षक को शिक्षण, परीक्षा और मूल्यांकन कार्यों से हटा दिया गया है
- छात्र को अंतरिम राहत प्रदान की गई है
प्राचार्य ने यह भी कहा कि जांच समिति की रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।
हालांकि, छात्र और उसके समर्थकों का कहना है कि जब तक ठोस कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।
📌 मामला क्यों महत्वपूर्ण है
यह मामला केवल एक संस्थान का नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र में छात्रों की सुरक्षा, यौन उत्पीड़न के मामलों में त्वरित न्याय और संस्थागत जवाबदेही जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को उजागर करता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में पारदर्शिता और संवेदनशीलता बेहद आवश्यक है, ताकि पीड़ित छात्रों का विश्वास बना रहे और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके।
अब इस पूरे मामले पर प्रशासन, आयोग और समाज—तीनों की नजरें टिकी हुई हैं।
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प्रयागराज के ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज में यौन उत्पीड़न के आरोप पर छात्र धरने पर, मामला NHRC तक पहुंचा। जानें पूरी खबर।
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